संग्रहालय लोकप्रिय व्याख्यान

संग्रहालय लोकरूचि व्याख्यान – स्वतंत्रता की 40वी वर्षगांठ समारोह के भाग के रूप में संग्रहालय ने एक राष्ट्रीय व्याख्यान श्रंखला का आयोजन किया | मूर्धन्य मानव शास्त्रियों, प्रो. एस.सी. दुबे, प्रो.वी. एनमिश्रा तथा प्रो. गोपाल शरण ने इस श्रंखला में व्याख्यान दिए | डॉ. बी. आर. अम्बेडकर जन्मशती समारोह के अंतर्गत एक अन्य राष्ट्रीय व्याख्यान का आयोजन 1991- 92 में किया गया जिसमे डॉ. एस.पी. गुप्ता ने आस्पेक्ट्स ऑफ़ इंडियन सिविलाइज़ेशन पर वक्तव्य दिया|
1989 में प्रो. लक्ष्मीनारायण भावसार द्वारा मालवा के मांडने और चित्रावन पर व्याख्यान के साथ संग्रहालय लोकरूचि व्याख्यान नामक एक नवीन श्रंखला की शुरुआत की गयी| तब से इस श्रंखला के अंतर्गत मानवशास्त्र, कला, वास्तुविज्ञान, संग्रहालय विज्ञान, देशज संगीत, पुरातत्व, नक्षत्र विज्ञान इत्यादि विभिन्न विषय वस्तुओं पर कई व्याख्यानों का आयोजन किया जा चुका है| श्रंखला में व्याख्यान देने वाले महत्व्पूर्ण वक्ताओं में प्रो. थिम्मा रेड्डी, प्रो. वी. एच. बेडेकर,डॉ. बी एन. सरस्वती, प्रो. समरेन्द्र सराफ, डॉ. एंजिलो फोसाटी, डॉ. रोबर्ट सी. बेड्नारिक, डॉ बी के राय बर्मन, डॉ. मिशेल लोब्लान्शो, डॉ. आर, सेन गुप्ता, मनु सोबती, प्रो. यश देव शल्य, प्रो. वाल्टर स्पिन्क्स आदि शामिल है |
इन व्याख्यानों का आयोजन भोपाल, नई दिल्ली, तथा मैसूर में किया गया और जिन्हें मीडिया द्वारा विस्तृत कवरेज दिया गया |
प्रो. ए. अय्यपन शताब्दी व्याख्यान, प्रो. टी.एन. मदान, दिल्ली विश्वविध्यालय द्वारा दिया गया | प्रो. ए. अय्यपन सुविख्यात मानवशास्त्री तथा संग्रहालयविद थे |

Updated date: 02-04-2016 02:34:48