सिने वीडियो अनुभाग

अनुवाद - मूर्त और अमूर्त परम्पराओं का प्रलेखन और संरक्षण इं.गां.रा.मा.सं. का अनिवार्य उद्देश्य है जिसके लिए इसके पास सुव्यवस्थित सिने वीडियो इकाई है जो केवल संग्रहालय द्वारा इसके परिसर तथा अन्य स्थानों पर आयोजित दैनिक एवं विशेष कार्यक्रमों और गतिविधियों का प्रलेखन ही नहीं करती बल्कि विभिन्न क्षेत्रीय कार्यक्रमों के दौरान किये गए कवरेज से अनोखे और रोचक झलकियाँ उपलब्ध करा कर प्रदर्शिनियों के आयोजन में भी सहयोग करती है | सिने वीडियो इकाई की मदद से ही अन्तरंग संग्रहालय भवन की अधिकांश दीर्घाएँ किओस्क में जानकारी के साथ उन्नत की गयी है | इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय ने सोलह एम एम प्रारूप में पांच वृत्त चित्रों का भी निर्माण किया है | इस श्रंखला में पहला वृत्त चित्र "लिंगो जात्रा" है जो बस्तर क्षेत्र के मुरिया देवता "लिंगो" के पुनर्जन्म से संबंधित अनुष्ठानिक उत्सव का द्रश्य प्रलेखन है | मुरिया जनजाति पर "मुरिया ए ट्राइब इन ट्रांजीशन" शीर्षक से निर्मित एक अन्य 16 एम एम फिल्म इस जनजातिय समूह की समकालीन जीवनशैली को दर्शाती है | "मिथक भंग"(डिसेपीअरिंग पोयम ) संग्रहालय का तीसरा वृत्तचित्र है जो मध्य प्रदेश के एक कारीगर जनजातिय समुदाय अगरिया के जीवन और संस्कृति से संबंधित है | संग्रहालय ने प्रागैतिहासिक शैलकला पर भी एक फिल्म "चैंट्स ऑफ़ द रॉक" तैयार की, लुप्त आखेट इस श्रंखला में अंतिम फिल्म है जो छत्तीसगढ़ के सरगुजा क्षेत्र में रहने वाले आदिम जनजातिय समुदाय "कोरवा " से परिचित कराती है |

Updated date: 23-01-2017 05:26:23